भाजपा की ओर से की गई कार्रवाई पर असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए सवाल, जानें क्‍या कहा

एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी करने वाली भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ दस दिन पहले ही कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। भाजपा ने कार्रवाई तब की है जब खाड़ी देशों में बात बिगड़ने लगी। ओवैसी ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा को दस दिन पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।

ओवैसी ने कहा कि जब हम एक भारतीय नागरिक, एक मुसलमान के तौर पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं तो आप कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। प्रधानमंत्री ने आखिर अब तक क्यों कोई कदम नहीं उठाया। क्या ओवैसी की मांग विदेशी नेताओं की आवाज से कमतर है। उन्होंने कहा, ‘आप मेरे प्रधानमंत्री हैं। आपको मुझे सुनना चाहिए। आखिर हमारा दर्द कौन सुनेगा।’

ओवैसी ने ट्वीट करके कहा, ‘बीस करोड़ भारतीय मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ है। उनकी चिंताओं पर ध्यान देने के बजाय मोदी विदेशी विरोध से अधिक डर रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’ ओवैसी ने दावा किया कि भाजपा प्रवक्ता का निलंबन काफी नहीं है और उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवक्ता ने एक वीडियो जारी करके दावा किया कि वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उन्हें सांत्वना देते हुए साहस नहीं छोड़ने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता ही मुख्यधारा है और इसके पीछे अमित शाह हैं। इसके अलावा, हैदराबाद में एक किशोरी के सामूहिक दुष्कर्म के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने आरोप लगाया है कि एआइएमआइएम का कोई प्रभावशाली व्यक्ति इसमें शामिल है।

वहीं कांग्रेस ने हमला बोलते हुए भाजपा से अपने पदाधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम करने वाले पदाधिकारियों पर केवल कार्रवाई करने का नाटक नहीं चलेगा। वहीं वाम दलों ने भी कहा कि भाजपा ने अन्य देशों के दबाव में आकर इन पदाधिकारियों पर कार्रवाई की है। भाकपा महासचिव डी. राजा ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार संघ को अराजक तत्व घोषित करेगी।

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