दीपक मिश्रा
18 अक्टूबर 2026
*स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद कीर्ति स्तंभ का हुआ लोकार्पण*
*जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित स्वाधीनता के पथिक हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पुस्तक का हुआ विमोचन*
*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को वर्चुअल सम्बोधित किया*
रविवार को शहीद जगदीश वत्स पार्क निकट पुल जटवाड़ा ज्वालापुर में अशोक लॉट के चतुर्दिक स्थापित *स्वतंत्रता सेनानी शहीद कीर्ति स्तंभ* का लोकार्पण तथा *स्वाधीनता के पथिक हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी* पुस्तक का विमोचन, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव प्रत्युष सिंह तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अमित कुमार चंद ने संयुक्त रूप से किया, महापौर
किरण जैसल भी इस अवसर पर उपस्थिति रहीं।
इस अवसर पर जनपद हरिद्वार, देहरादून और कुमाऊं क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भारत माता की जय, भारत के स्वतंत्रता सेनानी अमर रहें आदि नारों के बीच विधायक आदेश चौहान ने स्तंभ का अनावरण करते हुए कहा कि जनपद हरिद्वार के 529 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामांकित श्यामवर्णी शिलापट्टों पर सुनहरे अक्षरों से सुसज्जित इस स्तंभ के माध्यम से हरिद्वार के स्वतंत्रता इतिहास को सदियों तक स्मरण किया जायेगा, उन्होंने कहा, हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञ और समर्पित हैं, उन्होंने हमेशा ही शहीदों और क्रांतिकारियों के हितों के लिए समर्पण का प्रदर्शन किया है।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हरिद्वार आना था, लेकिन प्रदेश में आज नये राज्यपाल के आगमन के कारण वे नहीं आ सके, किन्तु कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों को वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को सर्वप्रथम कोटि कोटि नमन करता हूं। मैं भौतिक रूप से आपके बीच नहीं पहुंच पाया इसलिए वर्चुअल रूप से आपके मध्य उपस्थित हूं, स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान हमारी रीति नीति और संस्कारों में रचा बसा है, हम उनके बलिदान को कभी भी नहीं भुला सकते, भारत की गौरव गाथा के मूल में अमर सेनानियों का त्याग और समर्पण ही है।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने उपस्थित अतिथियों तथा स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारी अपने आप में देश की धरोहर हैं, उन्होंने दोहरी पेंशन योजना के दंश से जूझ रहे सेनानी उत्तराधिकारियों की अनेकों समस्याओं को गंभीरता के साथ सामने रखा। रघुवंशी ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से हुई चर्चा को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 9 अगस्त 2021 को हरिद्वार में शहीद जगदीश वत्स सेवा सदन बनाने की घोषणा को पूरा करने, स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को दी रही सम्मान पेंशन प्रति उत्तराधिकारी 5000/ करने, प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारियों को एक सहयोगी के साथ राज्य परिवहन की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने, पौत्र, पौत्री, नाती, नातिन को भी पंजाब सरकार की भांति राज्य परिवहन की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने तथा आरक्षण का लाभ प्रपौत्र, प्रपौत्र, परनाती तथा परनातिन को देने के लिए कहा।
इसके साथ ही राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की साझी में रघुवंशी ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों तथा शुभ चिन्तकों को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से घोषित *स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे* को पूरा करने के लिए सहयोगी की भूमिका निभाने के लिए संकल्पित किया।
कार्यक्रम का संचालन स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी सुरेशचंद्र सुयाल ने किया । स्तंभ के लोकार्पण के साथ ही स्वाधीनता के पथिक हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पुस्तक का भी विमोचन किया गया, पुस्तक जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित की गई है। सम्पादक मण्डल का गठन मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद ने किया, जिसमें मुख्य संपादक जितेन्द्र रघुवंशी तथा सम्पादक मण्डल में डॉ. संतोष चमोला, दिनेश सिंह रावत तथा डॉ मीरा भारद्वाज को रखा गया।
इस कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को प्रशासन द्वारा शाल एवं मोती माला पहनाकर कर सम्मानित भी किया गया । कार्यक्रम का शुभारम्भ शिवडेल स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगीत वन्दे मातरम के गायन के साथ साथ हुआ, ऋषिकेश से आये योगाचार्य अनुरागी द्वारा प्रस्तुत आकांक्षा गीत ने उपस्थित जन समुदाय के आंखों में अश्रुधारा प्रवाहित कर दी। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के अध्यक्ष देशबन्धु जी ने सभी आये हुए अतिथियों और सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन के बाद पार्क में ही व्रत धारियों के लिए फलाहार तथा सभी के लिए भोजन की उत्तम व्यवस्था जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की ओर से की गई।
इस कार्यक्रम की सफलता में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, देशबन्धु, डॉ वेद प्रकाश आर्य, आदित्य गहलौत, अनुराग गौतम, ललित कुमार चौहान, संजय चौबे, रमेश कुमार, यशपाल सिंह, अशोक कुमार चौहान, अर्जुन सिंह राणा, विवेक कुमार शर्मा, प्रमेश कुमार, निर्दोष कुमार, कमल छाबड़ा, शिवकुमार राणा, श्रीमती शशि शर्मा, मंजूलता भारती सहित सभी स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों का सराहनीय योगदान रहा।