दीपक मिश्रा
8 अक्टूबर 2026
हरिद्वार में कांग्रेस ने मनाया ‘लोकतंत्र का काला दिवस’, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और गिरफ्तारी की माँग उठाई,
आज ज़िला महानगर कांग्रेस कमेटी हरिद्वार ने गुरुवार को देवपुरा चौक पर ‘लोकतंत्र का काला दिवस’ मनाते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कहा कि चुनावों में कथित गड़बड़ियों, एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा इन मुद्दों को उठाने पर माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी एवं अन्य विपक्षी नेताओं के साथ कथित पुलिस बर्बरता और उनके विरुद्ध मुक़दमे दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की और कहा कि जनता के मताधिकार, निर्वाचन व्यवस्था की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रामयश सिंह और पूर्व अध्यक्ष ओपी चौहान ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता की वैधता जनता के स्वतंत्र और निष्पक्ष जनादेश से आती है, यदि चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप उठ रहे हैं, तो सरकार और निर्वाचन आयोग का दायित्व है कि वे तथ्यों, दस्तावेज़ों और पारदर्शी जाँच के माध्यम से उनका जवाब दें, सवाल पूछने वाले विपक्ष को पुलिस कार्रवाई और मुक़दमों से दबाने की कोशिश जनता के संदेह को और गहरा करती है। उन्होंने कहा, “देश को चुनाव प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब चाहिए,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए युवा नेता वरुण बालियान और वरिष्ठ नेता महेश प्रताप राणा ने कहा कि भाजपा सरकार यह बताए कि वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जाँच से उसे परहेज़ क्यों है और जनता के मताधिकार की बात करने वाले नेताओं के खिलाफ दमन का रास्ता क्यों अपनाया जा रहा है?”,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष चौहान और
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू मिश्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार वोट चोरी के सहारे सत्ता में बनी हुई है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर काम करते हुए निर्वाचन व्यवस्था की निष्पक्षता को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, “हमारा आरोप बेहद गंभीर है और इसकी स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा पारदर्शी जाँच होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठे सवालों को दबाकर सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती। जनादेश से खिलवाड़ करके सत्ता हासिल करने वाली किसी भी सरकार को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन आरोपों पर देश के सामने जवाब देना चाहिए,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस महासचिव राजीव भार्गव और ब्लॉक अध्यक्ष अजय गिरी ने
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफ़े की माँग करते हुए कहा कि निर्वाचन व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोपरि है,उन्होंने ज्ञानेश कुमार की भूमिका की स्वतंत्र जाँच और कानून के तहत गिरफ्तारी की माँग उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठा कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष हिमांशु राजपूत और पार्षद प्रतिनिधि शहाबुद्दीन अंसारी ने कहा कि “भाजपा सरकार अपनी सत्ता पर उठ रहे सवालों से बचने के लिए ज्ञानेश कुमार को संरक्षण दे रही है, सरकार और निर्वाचन आयोग को यह समझना होगा कि पद की गरिमा का अर्थ सवालों से छूट नहीं, बल्कि अधिक पारदर्शिता और अधिक जवाबदेही है”,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष रचना शर्मा और पार्षद विवेक भूषण विक्की ने राहुल गांधी जी तथा अन्य विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि जनता के वोट की रक्षा के लिए आवाज़ उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक दायित्व है, कांग्रेस का आरोप है कि इस दायित्व को निभाने वाले नेताओं के साथ बर्बरता की गई और मुक़दमे दर्ज करके उन्हें डराने का प्रयास हुआ, उन्होंने कहा, “जनता की आवाज़ उठाने वाले नेताओं को निशाना बनाकर सरकार अपनी विफलताओं और उस पर लगे आरोपों पर पर्दा डालना चाहती है। राहुल गांधी जी को डराने की कोशिश करने वाले यह भूल रहे हैं कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प पुलिस कार्रवाई से कमज़ोर नहीं पड़ सकता। हर दमनकारी कार्रवाई के बाद जवाबदेही की माँग और मज़बूती से उठेगी।”,
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ श्रमिक नेता विकास सिंह और पार्षद प्रतिनिधि ऋषभ वशिष्ठ ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्षता, स्पष्ट नियमों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ होना चाहिए। किसी पात्र मतदाता का नाम मनमाने ढंग से हटना अथवा उसे अपना मताधिकार साबित करने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने माँग की कि नाम जोड़ने, संशोधन करने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए; प्रभावित मतदाता को कारण बताए जाएँ, अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले और उसकी शिकायत का समयबद्ध निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज़ उठाएगी और किसी भी अनियमितता पर जवाब माँगेगी,
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से मार्कण्डेय सिंह, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजू द्विवेदी,आशीष गोस्वामी, आशीष शर्मा,गौरव गोस्वामी, सतेंद्र वर्मा, अरूण चौहान, आशीष पंवार,अनुपमा शर्मा, यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव दिव्यांश अग्रवाल, राजेश छाछर,आरिफ पीरजी,शुभम जागरिया,सोनू शर्मा आदि कांग्रेस जन उपस्थित रहे।।