(बड़ी रामलीला में कलाकारों ने बांधा समा)रामलीला का प्रत्येक दृश्य देता है शिक्षा- सिंघल – prabhatsahara.com

(बड़ी रामलीला में कलाकारों ने बांधा समा)रामलीला का प्रत्येक दृश्य देता है शिक्षा- सिंघल

दीपक मिश्रा

16 अक्टूबर 2026

*रावण दरबार, सीता हरण और जटायु वध की लीला ने दर्शकों को किया भावविभोर*

*103वें वार्षिक रामलीला उत्सव में कलाकारों ने जीवंत मंचन से बांधा समां*

*भगवान राम के जटायु के साथ संवाद प्रसंग ने किया भावुक*

हरिद्वार। श्री रामलीला कमेटी (रजि.) हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित 103वें रामलीला वार्षिकोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को रावण दरबार, सीता हरण, जटायु वध और राम विलाप की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, सशक्त संवाद और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीता हरण के प्रसंग में रावण की छलपूर्ण योजना, माता सीता की व्याकुलता और उनकी रक्षा के लिए जटायु के अदम्य साहस का मार्मिक चित्रण किया गया। वहीं, माता सीता के वियोग में भगवान राम के विलाप के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने कहा कि पक्षी राज जटायु महाराज दशरथ के मित्र थे एवं उन्होंने माता जानकी के लिए अपने प्राणों को संकट में डाल कर अपना मित्र धर्म का पालन किया ।

श्री रामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील भसीन ने कहा कि रामलीला की प्राचीन परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाना सभी के लिए गौरव की बात है। रामायण के प्रसंग हमें सत्य, त्याग, प्रेम और धर्म की रक्षा का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

ट्रस्ट के मंत्री विनय सिंघल ने कहा कि रामलीला का प्रत्येक दृश्य जीवन में अच्छे और बुरे के बीच अंतर समझाता है। सीता हरण और जटायु वध का प्रसंग हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा अपने कर्तव्य का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से इन आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रवक्ता डॉ. संदीप कपूर ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत स्वरूप है। भगवान श्रीराम का चरित्र त्याग, मर्यादा, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सीख देता है। कलाकारों की मेहनत और समर्पण से रामायण के प्रसंग मंच पर सजीव हो उठते हैं, जिससे दर्शक धार्मिक आस्था के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से भी जुड़ते हैं।

इस अवसर पर कमेटी के महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ, दादा गुरु भगवत शर्मा, रविकांत अग्रवाल, अंजना चड्ढा, कन्हैया खेवड़िया, ऋषभ मल्होत्रा, पवन शर्मा, राहुल वशिष्ठ, विशाल गोस्वामी, विकास सेठ, सुरेंद्र अरोड़ा, पवन शर्मा, अनिल सखूजा, गोपाल छिब्बर, वीरेंद्र गोस्वामी, मनोज बेदी, सुनील वधावन और दिग्दर्शक मनोज सहगल सहित बड़ी संख्या में कमेटी पदाधिकारी, सदस्य तथा रामलीला प्रेमी उपस्थित रहे।

 

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