दीपक मिश्रा
17 अक्टूबर 2026
*शबरी राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री और बाली वध की लीलाओं ने किया भावविभोर*
*103वें वार्षिक रामलीला उत्सव में कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध*
*हरिद्वार। श्री रामलीला कमेटी (रजि.) हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित 103वें वार्षिक रामलीला उत्सव के अंतर्गत शबरी राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री और बाली वध की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया* कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, सशक्त संवाद और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम और माता शबरी के मिलन के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और समर्पण का संदेश दिया, वहीं सुग्रीव मैत्री तथा बाली वध की लीला ने धर्म, मित्रता और न्याय की महत्ता को दर्शाया।
इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को इन आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री रामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील भसीन ने कहा कि रामलीला की परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक प्रसंग जीवन को नई सीख देता है। शबरी की भक्ति और समर्पण यह संदेश देते हैं कि सच्ची श्रद्धा में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक आस्था और आपसी सद्भाव मजबूत होता है।
ट्रस्ट के मंत्री विनय सिंघल ने कहा कि 103 वर्षों से रामलीला का निरंतर आयोजन होना कमेटी के सदस्यों, कलाकारों और रामभक्तों की श्रद्धा एवं समर्पण का प्रतीक है। रामलीला के प्रत्येक पात्र और प्रसंग में जीवन के लिए प्रेरणादायक संदेश छिपे हैं। समिति का प्रयास है कि इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पूरी गरिमा के साथ पहुंचाया जाए।
प्रवक्ता डाक्टर संदीप कपूर ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने त्रेतायुग में थे। शबरी की निष्काम भक्ति, सुग्रीव के साथ मित्रता और बाली वध का प्रसंग हमें विश्वास, मित्रता, कर्तव्य और न्याय के महत्व को समझाता है। रामलीला के मंचन से लोगों को इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
आज श्री गरीब दासी आश्रम के श्री महन्त रविदेव शास्त्री का कार्यकारिणी के पदाधिकारियों द्वारा पटका एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कमेटी के महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ, दादा गुरु भगवत शर्मा, रविकांत अग्रवाल, अंजना चड्ढा, कन्हैया खेवड़िया, ऋषभ मल्होत्रा, पवन शर्मा, राहुल वशिष्ठ, विशाल गोस्वामी, विकास सेठ, महेश गौड़, सुरेंद्र अरोड़ा, अनिल सखूजा, गोपाल छिब्बर, वीरेंद्र गोस्वामी, मनोज बेदी, सुनील वधावन और मनोज सहगल सहित बड़ी संख्या में कमेटी पदाधिकारी, सदस्य तथा रामलीला प्रेमी उपस्थित रहे।