दीपक मिश्रा
हरिद्वार 20 सितम्बर 2026
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) की उत्तराखंड प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक भेल, हरिद्वार में संपन्न हुई। सर्वप्रथम इंटक के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री हीरा सिंह बिष्ट जी को श्रद्धांजलि देने के उपरांत बैठक का शुभारंभ किया गया। बैठक में संगठन के प्रदेशव्यापी विस्तार, श्रमिकों की समस्याओं के समाधान, रोजगार सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा श्रमिकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
राजबीर सिंह चौहान के उत्तराखंड INTUC प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद पहली प्रदेश कार्यकारिणी बैठक थी। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह चौहान का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड के सभी जिलों, नगरों, औद्योगिक क्षेत्रों, प्रतिष्ठानों तथा स्थानीय इकाइयों में INTUC का विस्तार, पुनर्गठन और सक्रियता सुनिश्चित की जाएगी। संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रमिकों को संगठन से जोड़कर उनके अधिकारों एवं हितों की प्रभावी आवाज उठाई जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह चौहान ने कहा—
“ हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले, हर औद्योगिक क्षेत्र और हर श्रमिक तक संगठन की पहुंच हो। जहां भी श्रमिकों के अधिकारों का सवाल होगा, वहां INTUC उनकी आवाज बनकर मजबूती से खड़ा रहेगा।”
श्रमिकों की समस्याओं को केवल ज्ञापन और बैठकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि संबंधित विभागों, सरकार, प्रशासन, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और प्रबंधन के साथ निरंतर संवाद एवं वार्ता के माध्यम से उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।
श्री चौहान ने कहा—
“श्रमिक उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। यदि श्रमिक सुरक्षित नहीं है, उसे सम्मानजनक वेतन नहीं मिलता और उसके भविष्य की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है, तो औद्योगिक विकास अधूरा है। INTUC श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाएगा।”
प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी का प्रभावी भुगतान, समय पर वेतन, रोजगार एवं सेवा सुरक्षा, सुरक्षित कार्यस्थल, सामाजिक सुरक्षा तथा श्रमिक कल्याण जैसे विषय संगठन की प्राथमिकताओं में रहेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा—
“उत्तराखंड में संगठित क्षेत्र के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिक भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनका अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। INTUC इन श्रमिकों को संगठित कर उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने का काम करेगा।”
उन्होंने आगे कहा—
“हमारा प्रयास किसी संस्था या प्रबंधन से टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि श्रमिक और प्रबंधन के बीच स्वस्थ एवं लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान कराना है। लेकिन जहां श्रमिक हितों की अनदेखी होगी, वहां INTUC लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मजबूत आवाज उठाएगा।”
बैठक में कार्यकारिणी द्वारा प्रमुख रूप से निम्न विषयों पर निर्णय एवं प्रस्ताव पारित किए गए—
प्रदेश के सभी जिलों, नगरों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं स्थानीय इकाइयों में INTUC का विस्तार एवं पुनर्गठन।
संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को संगठन से जोड़ना।
श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी एवं निर्धारित वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी पहल।
श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित कराने की दिशा में प्रयास।
रोजगार एवं सेवा सुरक्षा से जुड़े श्रमिकों के मुद्दों को संबंधित संस्थाओं के समक्ष उठाना।
श्रमिकों की स्वास्थ्य, बीमा, पेंशन एवं मृतक आश्रितों को रोजगार आदि अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए पुरजोर प्रयास करते हुए
श्रम कानूनों एवं श्रमिक अधिकारों के प्रभावी पालन के लिए आवश्यक कदम उठाना।
श्री राजवीर सिंह चौहान ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा—
“संगठन की ताकत उसके पदों में नहीं, बल्कि उसके कार्यकर्ताओं और श्रमिक साथियों की एकजुटता में होती है। हम पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करेंगे और श्रमिकों की समस्याओं को उनकी स्थानीय इकाई से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूती से उठाएंगे।”
महासचिव संगठन श्री ऐ.पी. अमोली जी ने कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड INTUC द्वारा जिला एवं स्थानीय इकाइयों को सक्रिय कर श्रमिकों की वास्तविक समस्याओं का डेटा एवं विवरण तैयार किया जाएगा, ताकि समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष तथ्यात्मक एवं प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
बैठक के अंत में प्रदेश कार्यकारिणी ने श्रमिकों की एकजुटता, अधिकारों, सम्मान, सुरक्षित रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
“एकजुट श्रमिक—मजबूत संगठन—सुरक्षित भविष्य”
के नारे के साथ कार्यकारिणी में मुख्य रूप से अनिल कुमार जनार्दन सिंह,साधुराम जी,महेंद्र शर्मा जी दिनेश जी संतोष सिंह जी विनोद कवि जी मनोज पंत जी कलीम अहमद जी दीप चंद्र पाठक जी नवीन गिरी जी पंकज छेत्री जी लवेंदर चिल्वाल जी सरदार गुरदयाल जी वीरेंद्र सिंह नेगी जी बलेश जी ओ.पी. सुदी तेजेंद्र सिंह रावत रविनंदन कुमार जगदीश बहुगुणा देव सिंह पवार अनूप सिंह बिष्ट, विनोद उप्रेती अरविंद राजपूत अमन सियाल हिमांशु नेगी, ऋषिराज पैन्यूली अश्विनी चौहान जी संदीप चौहान जी राजेंद्र चौहान जी राकेश चौहान जी मुकुल राज, आशुतोष जी प्रशांत गुप्ता जी रविंद्र कुमार सुनील कुमार संजय शर्मा विपिन केसला इम्तियाज कपिल राणा जी मनोज यादव संदीप जोशी, वैभव विपिन जी दिव्य जी सागर चौहान जी आदि सैकड़ो सदस्य शामिल रहे।
कार्यकारिणी का आरंभ राष्ट्रगीत और समापन राष्ट्रीय गान से किया गया।