उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का दीक्षारम्भ – prabhatsahara.com

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का दीक्षारम्भ

दीपक मिश्रा

5 नवंबर 2026

एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज हरिद्वार में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों हेतु दीक्षारम्भ कार्यक्रम आयोजित।

विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रमों, परीक्षा प्रणाली एवं ऑनलाइन अध्ययन सुविधाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

हरिद्वार। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा एवं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सैकड़ों नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय के शिक्षकों ने भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि दीक्षारम्भ किसी भी शैक्षणिक सत्र के प्रारम्भ में आयोजित होने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसकी परंपरा प्राचीन गुरुकुल व्यवस्था से जुड़ी हुई है, जहां विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने से पूर्व गुरुजनों द्वारा ज्ञान, अनुशासन एवं जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन दिया जाता था। उन्होंने कहा कि दीक्षारम्भ विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की विधिवत शुरुआत का प्रतीक है और इसके माध्यम से विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार किया जाता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों, सुविधाओं एवं विभिन्न कार्यक्रमों से परिचित कराने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महाविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित होने से विद्यार्थियों को प्रवेश, परीक्षा एवं अध्ययन संबंधी समस्याओं के समाधान में और अधिक सुविधा मिलेगी।

 

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक व्यवस्था, परामर्श सेवाओं तथा विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराना है, ताकि उन्हें अध्ययन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रमों, अध्ययन सामग्री एवं पुस्तक वितरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से परामर्श सत्र आयोजित करता है, जिनके माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. बनकोटी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे विश्वविद्यालय के योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए ऑडियो-वीडियो व्याख्यानों का अधिकाधिक उपयोग करें। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं सोशल मीडिया माध्यमों से भी प्रवेश, परीक्षा, परिणाम तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित नवीनतम जानकारी प्राप्त करते रहें। उन्होंने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां विद्यार्थी अपनी सुविधा, समय एवं गति के अनुसार अध्ययन कर सकते हैं। इससे विशेष रूप से नौकरीपेशा व्यक्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों एवं अन्य व्यस्तताओं के कारण नियमित शिक्षा प्राप्त न कर पाने वाले युवाओं को उच्च शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार तथा सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि उच्च शिक्षा अधिकाधिक लोगों तक पहुंचे और आर्थिक, सामाजिक अथवा भौगोलिक परिस्थितियां किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बनें।

कार्यक्रम का संचालन अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. शिव कुमार चौहान ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन केंद्र की गतिविधियों एवं शैक्षणिक सहयोग के संबंध में जानकारी देते हुए कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर महाविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. एस.के. माहेश्वरी, डॉ. ऋचा मिनोचा, डॉ. मनोज कुमार सोही, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. लता शर्मा, नवीन कुमार, मंसूर अहमद, डॉ. हरीश जोशी सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *