दीपक मिश्रा
हरिद्वार, 20 सितम्बर। इलेक्ट्रिक सामान के व्यापारियों की दुकानों पर जीएसटी विभाग द्वारा छापेमारी के विरोध में व्यापारियों ने रविवार को चंद्राचार्य चौक पर प्रदर्शन किया। हरिद्वार इलेक्ट्रिक एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने तहसील से चंद्राचार्य चौक तक विरोध रैली निकाली और जीएसटी विभाग की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इलेक्ट्रिक एसोसिशन ने चेतावनी दी है कि यदि जीएसटी विभाग की छापेमारी तुरंत नहीं रोकी गयी तो व्यापारी सोमवार से दुकानें बंद कर चाबी सरकार को सौंप देंगे। प्रदर्शन के दौरान हरिद्वार इलेक्ट्रिक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते 2-3 दिनों से पूरे प्रदेश में बिजली के सामान की दुकानों को निशाना बनाकर छापेमारी व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। राजीव गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा बेहद शॉर्ट नोटिस पर लाखों रुपये एडवांस टैक्स के नाम पर जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। व्यापारी पहले ही मंदी, बारिश, ऑनलाइन व्यापार और ऑनलाइन पेमेंट पर लग रहे चार्जेस की मार झेल रहे हैं। दीपावली के सीजन से ठीक पहले की जा रही छापेमारी की कार्रवाई से व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि 15 मिनट के भीतर पैसे जमा कराने के चलते एक व्यापारियों को अपने घर के जेवर तक गिरवी रखने पड़े। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उत्पीड़न नहीं रुका तो व्यापारी दुकानें बंद करने या चाबी सरकार को सौंपने को मजबूर होंगे। व्यापारी नेता विशाल गर्ग ने कहा कि व्यापारी देश की आर्थिक रीढ़ है और हमेशा सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलता है। लेकिन हर विभाग द्वारा व्यापारियों को सॉफ्ट टारगेट बनाकर उनका दोहन किया जाता है। उन्होंने कहा कि छापेमारी से व्यापारी का मानसिक उत्पीड़न होता है और समाज में उसकी छवि धूमिल होती है। यदि जीएसटी विभाग को कोई शिकायत या संदेह है, तो उन्हें व्यापारियों को नोटिस भेजकर कार्यालय बुलाना चाहिए और स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। सीधे छापेमारी कर माहौल खराब करना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जीएसटी विभाग ने अपनी कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी, तो पूरा व्यापारी वर्ग एकजुट होकर आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरेगा। प्रदर्शन में हरिद्वार इलेक्ट्रिकल संगठन के महामंत्री सुशांत शर्मा, कोषाध्यक्ष पल्लव मित्तल, शिवकुमार कश्यप, प्रवीण शर्मा, योगेश भारद्वाज, पंडित अधीर कौशिक, मयंक मूर्ति भट्ट, अजय अरोड़ा, सुभाष अग्रवाल, ललित गोयल, उमेश अग्रवाल, नरेंद्र अग्रवाल, शगुन गुप्ता, लोकेश मिगलानी, कमल आहूजा, अजय मित्तल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।