कन्या गुरुकुल को मिलेगा नया अध्ययन खंड, कुलाधिपति आर्य ने किया निरीक्षण

दीपक मिश्रा

हरिद्वार 19 सितम्बर 2026

गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य के दो दिवसीय समविश्वविद्यालय प्रवास कार्यक्रम के दूसरे दिन कन्या गुरुकुल हरिद्वार में कुलाधिपति के करकमलों द्वारा प्रस्तावित अध्ययन खण्ड-दो का शिलान्यास वैदिक यज्ञ के माध्यम से सम्पन्न हुआ। आचार्य रामदेव सभागार में आयोजित समारोह में आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब, दिल्ली एवं हरियाणा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में परिसर की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुकुल कांगड़ी नवीन एवं प्राचीन शिक्षा का संगम है। जिसका उद्देश्य केवल अच्छे प्रोफेशनल तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि गुरुकुलीय परंपरा से प्राप्त संस्कार उनके आचरण और व्यवहार में दिखाई देने चाहिए। साथ ही, उन्हें अपने शिक्षकों के प्रति सदैव कृतज्ञता का भाव बनाए रखने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया।
आवश्यकतानुसार विकसित होंगे शैक्षणिक संसाधन
लम्बे समय के बाद हुए शिलान्यास कार्यक्रम को एक अच्छी शुरूआत बताते हुए निर्माण कार्य को ओर तेजी से संपन्न कराने की बात कही। समविश्वविद्यालय के किसी भी परिसर में शिक्षा के लिए संसाधनों की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। छात्राओं की आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं का परिसर में विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
कार्यक्रम में परिसर प्रभारी प्रो0 सुरेखा राणा, प्रो0 नमिता जोशी, प्रो0 अंजली गोयल, प्रो0 मुदिता अग्निहोत्री ने कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य तथा उनकी सहधर्मिणी नीलू आर्या का शॉल, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनन्दन किया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा, कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार, उपकुलसचिव डॉ. श्वेतांक आर्य, प्रो. नमिता जोशी, प्रो. सीमा शर्मा, प्रो. मुदिता अग्निहोत्री, प्रो0 बिन्दु अरोड़ा, प्रो0 निधि हाण्डा, प्रो0 संगीता मदान, प्रो0 आभा शुक्ला, डा0 रितु अरोड़ा, डा0 वरिन्दर विर्क, डा0 रिचा सैनी, डा0 मनीला, डा0 कल्पना सागर, डा0 आशिमा गर्ग, डा0 इंदु गौतम, डा0 सुनीता रानी डा0 ऋचा सक्सैना, डा0 नेहा बत्रा, डॉ. सुहास, डॉ. वेदव्रत, प्रो0 सत्येन्द्र राजपूत, डॉ. हिमांशु पंडित सहित शिक्षक एवं शिक्षेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा, दिल्ली एवं पंजाब के पदाधिकारी तथा आर्य समाज के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुरेखा राणा एवं प्रो. मंजूषा कौशिक ने किया।
कन्या गुरुकुल परिसर में कार्यक्रम का संचालन प्रो0 मंजुषा कौशिक ने किया। यज्ञ ब्रह्मा डा0 दीनदयाल के नेतृत्व में डॉ. सुनीति आर्य एवं डॉ. शालिनी द्वारा संपन्न कराया गया।
अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में आयोजित कार्यक्रम में कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य ने संकाय की शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान एफईटी परिसर में दो ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने तथा विद्यार्थियों को जेबीएम ग्रुप में इंटर्नशिप का अवसर उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने सपत्निक कुलाधिपति का स्वागत करते हुए संकाय के लक्ष्य तथा उद्देश्यों की जानकारी साझा की। डॉ. मयंक अग्रवाल एवं डॉ. तनुग गर्ग ने कुलाधिपति का स्वागत किया। संकायाध्यक्ष डॉ. मयंक अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संकाय की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीण पाण्डेय द्वारा किया गया।
तकनीकी शिक्षा के साथ मूल्यबोध और नेतृत्व जरूरी
कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में मूल्यबोध, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता का विकास भी होना चाहिए। रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के साथ अभियांत्रिकी विद्यार्थियों को विनिर्माण और प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुकुल की विशेषता प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय में है। शिक्षा समावेशी हो और विद्यार्थियों में नेतृत्व का विकास करे। खेल गतिविधियां, दीक्षारंभ तथा गुरु-शिष्य संबंध गुरुकुलीय शिक्षा परंपरा के महत्वपूर्ण पक्ष हैं, जिन्हें बनाए रखने की आवश्यकता है। संस्थान की प्रगति में पूर्व छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गुरुकुल कांगड़ी के पूर्व छात्र परंपरा (पूर्व स्नातक) को मजबूत करने के लिए तकनीकी माध्यम का उपयोग करते हुए नेटवर्क विकसित किया जाना चाहिए। संस्थान के पूर्व छात्र नए छात्रों के विकास में निरंतर सहयोग कर सकें, इसके लिए संस्थान में समय-समय पर उन्हें आमंत्रित किया जाना चाहिए। संकाय द्वारा विकसित ‘जियो लोकेशन ऑफ स्टूडेंट’ एप्प की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए जा रहे तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर संकाय परिसर में कुलाधिपति एवं अन्य अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया।
गुरुकुल के पूर्व स्नातक एवं गुजरात के राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी प्रो. राजेन्द्र विद्यालंकार ने कहा कि संस्थान की प्रगति के लिए आपसी भरोसा और संवाद आवश्यक है। संवाद और विमर्श से नवाचार को बढ़ावा मिलता है। तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए और गुरुकुल इस दिशा में नेतृत्व कर सकता है।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार, प्रो. प्रभात कुमार, उपकुलसचिव डा0 श्वेतांक आर्य, वित्ताधिकारी प्रो0 वी0के0 सिंह, आई.क्यू.ए.सी. के निदेशक प्रो0 पंकज मदान, मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष डा0 अजीत सिंह तोमर, जनसम्पर्क अधिकारी डा0 शिव कुमार चौहान, प्रो0 राकेश भुटियानी, प्रो0 विपुल शर्मा, प्रो0 एम0एम0 तिवारी, डा0 संजीव लाम्बा, डा0 निशान्त डा0 सुनील पंवार, डा0 विवेक गोयल, नमित खण्डुजा, डा0 अपूर्व कौशिक, डा0 मयंक पोखरियाल, रंजीत, मनोज, कुलभूषण शर्मा, सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। पंजाब आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री प्रेम भारद्वाज का डॉ. एम.एम. तिवारी एवं डॉ. पंकज कौशिक ने स्वागत किया।
बॉक्स-1
एफईटी विद्यार्थियों को जेबीएम ग्रुप में इंटर्नशिप
एफईटी के विद्यार्थियों के लिए जेबीएम ग्रुप में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। इसके साथ ही एफईटी परिसर में दो ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस पहल को विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण और परिसर में हरित तकनीक को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है।

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